तहसील नारायणबगड में पहुंची ग्रामीण क्षेत्रों में सेनैटाइजरिंग हेतु ब्लीचिंग पाउडर की खेप।

  •  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणबगड ने किया बाजार में डीडीटी का छिडकाव।
  • खाद्यान्न आदि सामाग्रियों की कमी से कालाबाजारी व मंहगे दामों पर लोगों में रोष।

ब्यूरो डेस्क / नारायणबगड,चमोली।
वैश्विक संकट कोरोना वायरस संक्रमण की दहशत ने लोगों को सहमाकर रख दिया है।जिसके चलते चौथे दिन भी सभी बाजारों और सडकों पर सन्नाटा छाया रहा।सुबह आंशिक तौर पर कुछ जगहों पर दुकानें तो खुली पर बाजार में रहने वालों को छोडकर पहाड़ी इलाकों के ग्राहक नदारत रहे।ग्रामीण इलाकों में दैनिक उपभोग की सामाग्रियों की भारी किल्लत की सूचना तारी है।

कोरोना के संकट से निपटने के लिए अब केंद्र सरकार ने भी लॉकडाउन को 21 दिनों के लिए आगे बढाया है तो इससे जहां एक तरफ लोगों ने इसे स्वीकार कर राहत की सांस ली तो वहीं बाहर से घर गावों के लिए आए लोग प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के लिए मुसीबत का सबब बन रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार लोग गावों में सरकार के दिशानिर्देश का पालन न के बराबर कर रहे हैं।

क्षेत्र को सेनैटाइज करते कर्मचारी

जिससे ग्रामीण इलाकों में अलग ही दहशत फैल रही है।जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से गाँवों में औचक निरीक्षण कर स्थिति को संभालने की बात कही है।कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों के इस संकट के दौर में निपटने के तरीकों का सभी को संवेदनशील होकर पालन करना चाहिए।ताकि लोगों की जान को बचाया जा सके।साथ ही जनप्रतिनिधियों ने सरकारी महकमों के अधिकारियों,कर्मचारियों,स्वास्थ्य कर्मियों व सुरक्षा/पुलिसकर्मियों के लिए सरकार से उचित सुरक्षा के संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

 

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणबगड के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी डीटीटी का छिडकाव करते हुए।

दूसरी तरफ खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामाग्रियों की कालाबाजारी और महंगे दामों में बेचे जाने की खबरे भी आम हो गई है।शोसल मीडिया में इस तरह की कालाबाजारी और मनमाने कीमतें वसूली जाने की पोस्टें सामने आ रहे हैं।जिससे लोगों में न सिर्फ रोष है बल्कि लॉकडाउन की लंबी अवधि की गंभीरता को लेकर चिंता भी बनी हुई है।लोगों ने सरकारी खाद्यान्न की दुकानों में प्रयाप्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने की बात भी कही। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि सरकारी उपक्रमों व दुकानों के खुलने का समय पहाड के अनुकूल नही है।गौरतलब है कि एक तरफ कर्फ्यू और दूसरी तरफ दूर गावों से पैदल चलकर समय से बाजार पहुचने में भारी दिक्कतें आ रही हैं।लोगों ने शासन प्रशासन से पहाडी क्षेत्रों के लिए समय सारणी में आंशिक फेरबदल किए जाने की बात कही।

प्रशासन की ओर से मंगलवार सायं को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ब्लीचिंग पाउडर की खेप यहां तहसील परिसर नारायणबगड में पहुंच गई है। तहसीलदार सुदर्शन सिंह देव ने बताया कि आशाओं व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ के द्वारा गांवों में सेनैटाइजरिंग के लिए छिडकाव किया जाना है।कहा कि हमने विकास खंड मुख्यालय पर सारी ब्लीचिंग पाउडर के पैकेट उपलब्ध करा दिए हैं। जहां से हर ग्राम पंचायत के लिए ब्लीचिंग पाउडर के पैकेट वितरण किया जायेगा। प्रशासन की देखरेख में बुधवार को पीएचसी नारायणबगड में बाहर से आए लोगों का परीक्षण किया गया।डॉक्टर नवीन डिमरी ने बताया कि बुधवार को कुल 12 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें दो लोगों में समान्य बुखार पाया गया तथा बाकी सभी समान्य पाये गए।उंहें गांव में क्वारन्टाइन में रहने की सलाह दी गई है।कहा कि अस्पताल में भीड कम होने पर स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बाजार और अस्पताल परिसर में डीडीटी का छिडकाव कर सेनैटाइजर किया गया।जनप्रतिनिधियों व व्यापार संघ ने अस्पताल परिवार की इस पहल की सराहना की।

इस अवसर पर राजेन्द्र नेगी, फार्मेसिस्ट जेएस नेगी,रोहित मैठाणी,भुवन पुरोहित,डा.सुधीर नेगी,सामाजिक कार्यकर्ता रक्षित सती,रेखा नेगी,मनोज कुमार आदि मौजूद थे।

सुरेन्द्र धनेत्रा।

 

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