राजधानी देहरादून में पांच दिवसीय राष्ट्रीय आरोग्य मेला 12 फरवरी से शुरु

न्यूज डेस्क / देहरादून। राजधानी देहरादून में पांच दिवसीय राष्ट्रीय आरोग्य मेला 12 फरवरी से शुरु होगा, जो कि 16 फरवरी तक चलेगा। इस मेले में आयुर्वेद, होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति पर आयुष मंत्रालय और प्रदेश सरकार की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में प्रदेश के राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं निजी कालेज भी प्रतिभाग करेंगे। मेले में देश भर से प्राचीन चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ आएंगे। इन विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आम जनता को स्वस्थ रहने और बीमारियों के उपचार से सम्बन्धित परामर्श देंगे। मेले में प्राचीन चिकित्सा पद्धति को उपयोग में लाये जाने तथा जन सामान्य तक इसका लाभ पहुंचाने पर भी चर्चा की जायेगी।

सचिवालय स्थित मीडिया सेन्टर में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयुष मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने राष्ट्रीय आरोग्य मेला-2020 के आयोजन के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी से 16 फरवरी तक परेड ग्राउन्ड में आयुष मेले का आयोजन किया जा रहा है। डाॅ हरक सिंह रावत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय आयुष मेले का आयोजन किया जाता है, इस वर्ष आयुष मेले की मेजबानी का मौका उत्तराखण्ड को मिला है। उत्तराखण्ड की धरती आयुर्वेद के जनक चरक ऋषि की धरती है, चरक संहिता के बिना आयुर्वद की कल्पना नहीं की जा सकती है। प्राचीन ग्रन्थों में हिमालयी क्षेत्र को जड़ी बूटियों के क्षेत्र के रूप में जाना जाता रहा है।

उत्तराखण्ड जड़ी-बूटी एवं गंगा यमुना का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि जड़ी बूटी के प्रदेश में आरोग्य मेले का आयोजन प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने में निश्चित रूप से मददगार होगा। इस अवसर पर सचिव आयुष दिलीप जावलकर, आनंद स्वरूप, वीरेंद्र कालरा, विवेक सहगल समेत आरोग्य मेले के को पार्टनर पी.एच.डी चैम्बर ऑफ़ काॅमर्स के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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