दुखद घटना – गैरबारम गांव में नरभक्षी गुलदार ने फिर बनाया ग्यारह वर्षीय बच्ची को अपना निवाला

स्थानीय संपादक/ नारायणबगड़,चमोली।
ग्राम पंचायत त्यूला-मगेटी के बाद फिर गैरबारम गांव में नरभक्षी गुलदार ने फिर बनाया ग्यारह वर्षीय बच्ची को अपना निवाला।
पिछले दिनों नरभक्षी गुलदार ने ग्राम पंचायत त्यूला के मगेटी तोक मे एक नेपाली मूल के चार वर्षीय बच्चे को अपना निवाला बना दिया था, जिसका मात्र सिर ही मिल सका था। उसके कुछ दिनों बाद मगेटी में ही एक युवती को भी इसी गुलदार ने अपना ग्रास बनाने का असफल प्रयास किया था। युवती की किस्मत रही और परिजनों का नजदीक होने से युवती बालबाल बची थी। वन विभाग ने हालांकि यहा मगेटी में पिंजरा लगा कर वन कर्मियों को भी तैनात किया हुआ है,परंतु खूंखार हो चुका नरभक्षी गुलदार पिंजरे की चपेट में नहीं आ सका।

इसके बाद क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से नरभक्षी गुलदार को मारने का आग्रह किया।जिसका वन विभाग से आश्वासन भी दिया गया था।परंतु विभागीय लेटलतीफी के कारण सोमवार सायं एक और बच्ची को इस नरभक्षी गुलदार ने मार गिराया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सायं सात बजे ग्राम पंचायत गैरबारम के देवेन्द्र सिंह की 11 वर्षीय बच्ची दृष्टि को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया है। बच्ची की मां वर्तमान में ग्राम पंचायत गैरबारम में प्रधान भी है,बच्ची के माता पिता और परिजन रो रोकर बेहाल हैं।

बच्ची के पिता देवेन्द्र सिंह दूरभाष पर बात भी नहीं कर पाये।क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक विनोद कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें ग्रामीणों द्वारा घटना की जानकारी दी गई।उंहोने यह भी बताया कि ग्रामीणों के द्वारा ही दूरभाष पर बताया गया है कि ग्रामीणों के हो हल्ला और काफी खोजबीन के बाद बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है। विनोद कुमार ने बताया कि रात्रि होने के कारण पंचनामा आदि काम नही हो सकते हैं,कहा कि प्रातः गैराबारम घटनास्थल पर पहुंच कर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जायेगा।

इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे विकास खंड मे शोक की लहर दौड़ गई और गैराबारम क्षेत्र में लोगों में दहशत बनी हुई है। जो इस घटना के बाद और बढ गई है। तो वहीं नरभक्षी गुलदार को अभी तक न पकड पाने और न ही मार गिराये जाने के कारण वन विभाग की लापरवाही से जनता भारी आक्रोशित भी है। लोगों का कहना है कि जब गुलदार के लगातार बारदात की घटनाएं बढी तो हमने वन विभाग से क्षेत्र म़े उसे मारने के लिए शूटर की मांग की थी। जिस पर वन विभाग ने मौन साध लिया, इससे लोगों में काफी नाराजगी व्याप्त है।
सुरेन्द्र धनेत्रा।

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